Friday, 14 February 2014

Crystal - Soul - wordily Color Reflection - आत्मा का स्नान-Note

Just imagine ; The Crystal , all colors comes and go according to moving light reflection , but Crystal is remain pure n transparent .

be with patience , be with purity , be with love , be with care . time is moving , nothing is stagnate . 

भीतर तुम्हारी आत्मा का स्नान हो जाए--उसको ही मैं ध्यान कहता हूं। भीतर तुम स्वच्छ हो जाओ--उसी को मैं स्वास्थ्य कहता हूं। भीतर तुम आनंदमग्न हो जाओ, उत्सव आ जाए, दीए ही दीए जल जाएं, फूल ही फूल खिल जाएं--तो तुमने जाना, तुमने जीया, तुमने पहचाना। उसको मैं संन्यास कहता हूं। उसी कार्य में लगा हुआ हूं।

with love compassion and gratitude , 

Aabhar , Aabhar , Aabhar 

ॐ प्रणाम

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