Monday, 20 January 2014

सन्यास - Thought

सन्यास शब्द को भी दो तरीके से समझा जा सकता है 

पहला अर्थ जब कि आप सन्यास की तरफ दौड़ रहे हो , इस अवस्था में आपको बल पूरक संसार से विमुख होना है , तब आप भगोड़े कहलाते हो।


 दूसरी अवस्था में सन्यास घटित होता है , चांदनी जैसा आपके ह्रदय में स्वतः उतरता है बिना प्रयास के , सांसारिकता आपसे दूर भागती है , यह सन्यास एक घटना है। जहा आप पर्वत पे नहीं जाते , आप जहा है वही पे ये सन्यास घट जाता है प्रलोभन इस सन्यासी से दूर स्वयं ही भागते है। 


इस सन्यासी को प्रलोभन से नहीं भागना पड़ता। यह वास्तविक सन्यास है।

No comments:

Post a comment