Tuesday, 21 January 2014

जीवन की सच्चाईयां .... thought

सूक्ष्मदर्शी यंत्र से देखने पर पता चलता है - एक इंच चमड़ी में 4 यार्ड (1 यार्ड = 36 इंच) nerve fibres यानि नाड़ी तंतु, 1300 नाड़ी कोशिकाएँ, 100 sweat glands (स्वेद ग्रंथिया), 30 लाख कोशिकाएँ और 3 यार्ड रक्त नलिया होती हैं !




अद्भुत है ये  ऊर्जा  सहित  शरीर  , ऊर्जा रहित  निर्जीव  और  बस  दो मुट्ठी राख , एक छोटे से 
शरीर में इतना सब कुछईश्वर के  दिए कितने कीमती मूल्यवान उपहार   !






"पर क्या यह उससे भी ज्यादा हैरानी वाली बात नहीं है कि हमारे कुछ इंच के मस्तिष्क में पूरा ब्रह्माण्ड समाया है".




उससे भी ज्यादा हैरानी वाली बात - जब व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसको जलाने के बाद वह मात्र '20 ग्राम मिट्टी' में बदल जाता है और उस मिट्टी में 8 रुपये का कैल्सियम, 2 से 2.50 रुपये का फास्फोरस और 10 से 11 रुपये के अन्य माइक्रो न्यूटरिएण्ट्स होते हैं, मतलब मरने के बाद आदमी की 'कीमत 20 रुपये' से ज्यादा नहीं है।



लेकिन इस मृत शरीर को पंच तत्व में मिलाने में कितना खर्च होता है ????




मित्रों, इस शरीर को प्रभु ने बड़ा रच- रच कर बनाया है। इसके द्वारा वो कार्य किये जाएँ कि मरने के बाद भी इस शरीर का मूल्य रहे।

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